चुनाव लड़ने के लिए रखना होगा खर्च का रजिस्टर।
देहरादून। जाहिद हबीबी। निकायों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों को नामांकन के साथ ही खर्च का रजिस्टर भी बनाना होगा। इस रजिस्टर में रोजाना होने वाले खर्च अपडेट करने होंगे, जिनकी जांच कम से कम तीन बार निर्वाचन के अफसर से कराना होगी। चुनाव खत्म होने के बाद अंतिम मिलान कराना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार खर्च की सीमा बढ़ाते हुए निगरानी भी सख्त कर दी है। जिले और राज्य स्तर पर निगरानी के लिए टीमें बनाई गई हैं। यहां अहम बात ये भी है कि खर्च का पूरा हिसाब रखने के लिए प्रत्याशियों को रजिस्टर तैयार करना होगा। इस रजिस्टर में पूरा ब्योरा रखना होगा। रोजाना कितनी चाय, खाने का खर्च हुआ, ये भी रजिस्टर में लिखना होगा। नगर पालिका में सभासद का चुनाव लड़ने के लिए 80 हजार रुपया तक खर्च करने की छूट दी गई है। नगर पालिका अध्यक्ष के लिए 10 वार्ड तक 06 लाख और 10 वार्ड से अधिक के लिए 08 लाख रुपए खर्च करने की छूट दी गई है।

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